Good News India: Special report from Jakhni village in Bundelkhand
https://youtu.be/tFS-vOWDBWI
बुन्देलखण्ड के बाँदा जिले में एक ऐसा गाँव है जिसे जलग्राम नाम से जाना जाता है,और यहाँ के लोग पूरे बुंदेलखंड के लिए एक प्रेरणा बन कर उभरे है । ख़ास बात यह है कि पानी की समस्या को दूर करने के लिए गांव के लोगों ने सामुदायिक सहयोग से बिना किसी सरकारी मदद के पारम्परिक तरीके अपना कर जल संरक्षण की जो मिसाल कायम की है उसका असर अब दूसरे गांवों में भी दिखने लगा है। भीषण गर्मी के समय जब पूरे बुन्देलखण्ड में पानी को लेकर हाहाकार मचा होता है तब भीं बाँदा के इस जलग्राम में पानी का कोई संकट नहीं दिखाई देता।
बाँदा में जलग्राम के नाम से प्रसिद्द इस गांव का नाम “जखनी ” है जो ज़िला मुख्यालय से लगभग 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। जखनी गांव में 6 तालाब ,30 कुएं और 2 नाले हैं जिनमे आपको हर समय पानी मिल जायेगा। यहाँ तक की मई और जून की प्रचंड गर्मी में जब पूरे बुंदेलखंड में जल स्तर एकदम नीचे चला जाता है और पानी के लिए त्राहि त्राहि मच जाती है तब भी जखनी के कुओं में 10 से 15 फीट पानी रहता है और तालाबों में भी 10 फीट तक पानी मौजूद होता है।जखनी गांव हमेशा ऐसा नहीं था।कभी ये गांव भी भीषण जल संकट से जूझ रहा था और लोग पलायन कर रहे थे लेकिन लगभग 14 साल पहले गांव के ही एक समाजसेवी उमाशंकर पाण्डेय ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल के भाषण से प्रभावित होकर गांव के लोगों के साथ मिलकर एक संस्था बनाई और सामुदायिक सहयोग से खेतों में मेढ़बंदी का काम शुरू किया। मेढ़बंदी से फायदा यह हुआ कि बरसात का पानी खेतों में ही एकत्रित होने लगा। इसके साथ ही घरों,हैण्डपम्प्स और नालियों से बहने वाले पानी को भी बर्बाद न करके लोगों ने उसे संरक्षित कर अपने खेतों तक पहुँचाना शुरु किया। इन कोशिशों की सफलता से उत्साहित गांव वालों ने तालाब, कुओं और नालों का जाल बिछा दिया। आज आलम ये है कि जखनी गांव में एक बूंद पानी भी व्यर्थ नहीं जाता।
जमा किए हुए पानी का उपयोग कर जखनी के ग्रामीण अच्छी पैदावार कर बढ़िया मुनाफा कमा रहे हैं।बीते वर्ष जखनी के किसानों ने 20 हजार कुंतल बासमती धान की पैदावार की थी । कुछ किसान तालाबों का उपयोग सिंचाई के साथ ही मछली पालन के लिए भी कर रहे है। जखनी गांव की पहचान अब बाँदा के सबसे संपन्न गांवों में होती है।अब जखनी की चर्चा पूरे देश होने लगी है। अब आसपास के गांव के किसानों ने भी जखनी मॉडल की शुरुआत कर दी है।
जखनी के ग्रामीणों से अब सरकार भी प्रेरणा ले रही है। बीते दिनों जल शक्ति मंत्रालय के अधिकारियों ने यहाँ का दौरा किया। जल शक्ति मंत्रालय ने पूरे देश में 1030 जलग्राम जखनी मॉडल की तर्ज पर बनाने की योजना बनाई है। इसके तहत हर ज़िले में दो गांव चिन्हित कर जल ग्राम बनाये जायेंगे।जखनी गांव के लोगो की सोच और मेहनत बड़ा बदलाव लायी है। जखनी के ग्रामीणों से अब हमें भी सीख लेनी है।

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